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है काफ़ी

  • Dec 4, 2023
  • 1 min read

Updated: Dec 15, 2023


है काफ़ी
है काफ़ी

तुझको चाहने का तेरी नज़रों में

गुनहगार हूँ ग़र

तुझमें क़ैद होने की सज़ा ही

मेरे लिये है काफ़ी


न मिलने की कोई शिकवा नहीं तुझसे

तेरी नज़रों से नज़र

मिलना ही

मेरे लिये है काफ़ी


यूँ तो मिलना रहेगा हमेशा बाक़ी

बाक़ी तेरा

मुझमें होना ही

मेरे लिये है काफ़ी


बाक़ी दुनिया की परवाह

नहीं है मुझको

मेरी दुनिया

तुझमें होना ही

मेरे लिये है काफ़ी


तेरे जिस्म की नहीं मुझको चाहत

तेरी रूह का मुझमें

उतर जाना ही

मेरे लिये है काफ़ी

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