हक़ीक़तJan 10, 20241 min readहक़ीक़तमसला ये नहीं कि तुझको ढूँढू कहाँ नज़र के सामने ही है तू खोया ही नहीं पर पाकर भी तुझको खोना ही होगा तेरा हो कर भी तुझकोपाना होगा नहीं तुझको छूकर भी देखूँ तोबस देखूँ यही तू हक़ीक़त में रूबरू है या कहीं है ही नहीं….
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