ख़ुद ब ख़ुद
- Dec 15, 2023
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तू ख़ुद ही ख़ुद मन में मुस्कुरा लिया कर
नाराज़गी को दिल से यूँ लगाया न कर
तू ख़ुद ही ख़ुद को मना लेना हँस कर
इस दुनिया के नख़रे यूँ उठाया न कर
तू ख़ुद से खुश रहना हर हाल में ख़ुशी से
उदासी को तू गले से यूँ लगाया न कर
तू ख़ुद ही ख़ुद से वफ़ा किया कर
ख़ुद को ख़ुद ही यूँ सताया न कर
तू बस ख़ुद की उम्मीदों पर उतरना खरा
किसी से तू उम्मीद यूँ लगाया न कर
तू ख़ुद अकेला ही काफ़ी है ख़ुद के लिए
किसी के लिए ख़ुद को यूँ ज़ाया न कर
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