साथ
- Dec 11, 2023
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न अकेली नहीं मैं…….
किसी की याद साथ देती है
चुपके से आ हाथ थाम लेती है,
उसकी ख़ुशबू तन मन को मेरे महकाती है
उसकी मुस्कान होठों पर आ ठहर जाती है,
साथ देने का वादा वो दूर से ही निभाता है
हर मुश्किल मेरी वो हंसकर हल कर जाता है,
उस से जी भर कर मुलाक़ातों का साथ
मुझसे उसकी दिल भर बातों का साथ,
कभी कभी राहें भी मुझसे कुछ कहती हैं
ख़ास निगाहें मुझ पर किसी की रहती हैं,
दिन भी हरदिन साथ साथ मेरे चलता है
अक्सर सूरज भी साथ ही मेरे ढलता है,
रात अपने संग चाँद को ले आती है
चाँदनी पास मेरे बिखर सो जाती है,
यूँ तो क़िस्मत भी साथ देना चाहती है
मुझे बस हर मोड़ पर आज़माती है…….
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