आँखों में बसायाDec 6, 20231 min readUpdated: Dec 15, 2023मैं जो रात अमावस थीआँखों में अपनी बसाया जो तुमने तोमैं जो रात अमावस थी बन गयी हूँ ज्योति । पलकों को अपनी बंद किया तुमने तो अनस्तित्व बूँद मैं बन गयी हूँ मोती ।।
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